सअद अलजबरी सऊदी अरब की इंटेलीजेन्स का बहुत जाना पहिचाना नाम है और वह पूर्व क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन नाएफ़ के बहुत क़रीबी अधिकारी समझे जाते हैं।
ज्ञात रहे कि मुहम्मद बिन नाएफ़ को पद से हटाकर मुहम्मद बिन सलमान क्राउन प्रिंस बने थे और मुहम्मद बिन नाएफ़ को बिन सलमान का प्रतिद्वंद्वी समझा जाता है।
प्रशासन ने सअद अलजबरी की बेटी सारा, बेटे उमर और भाई को गिरफ़तार कर लिया है।
सअद अलजबरी के बेटे ख़ालिद अलजबरी ने न्यूयार्क टाइम्ज़ को बताया कि सऊदी प्रशासन सअद अलजबरी पर दबाव डाल रहा है कि वह कैनेडा से सऊदी अरब वापस आ जाएं।
सअद अलजबरी ने सऊदी अरब के गृह मंत्रालय में चालीस साल काम किया है जिसकी वजह से वह अनेक अति संवेदनशील आंतरिक और विदेशी मुद्दों की पूर्ण जानकारी रखते हैं और उन्हें सऊदी अरब के रहस्यों का ब्लैक बाक्स समझा जाता है।
सऊदी गृह मंत्रालय के विस्तृत निगरानी नेटवर्क का हिस्सा रहने की वजह से सअद अलजबरी को शाही परिवार के सदस्यों के भी महत्वपूर्ण राज़ पता हैं और भ्रष्टाचार और अपराधों के बारे में उन्हें बहुत कुछ मालूम है।
न्यूयार्क टाइम्ज़ का कहना है कि गृह मंत्रालय में अपने संवेदनशील पद की वजह से सअद अलजबरी को क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के बारे में भी बहुत सी ख़ुफ़िया जानकारियां हैं।
सअद अलजबरी ने कभी भी बिन सलमान के ख़िलाफ कोई बयान नहीं दिया लेकिन बिन सलमान को सबसे ज़्यादा चिंता इस बात की है कि वह बिन नाएफ़ के क़रीबी व्यक्ति हैं और बिन नाएफ़ की ओर से बिन सलमान को हमेशा डर लगा रहता है कि वह पूरी बिसात उलट सकते हैं।
सअद अलजबरी राज्य मंत्री भी रह चुके हैं और गृह मंत्रालय में इंटैलीजेन्स के बड़े अफ़सर रहे हैं जबकि आर्टिफ़िशियल इंटैलीजेन्स का उन्हें विशेषज्ञ माना जाता है। सअद अलजबरी ने अलक़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ाई में भी बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाया है।
वर्ष 2015 में सअद अलजबरी को पद से हटा दिया गया। वाशिंग्टन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि सअद अलजबरी को तब पद से हटाया गया जब उन्होंने सितम्बर 2015 में वाशिंग्टन में सीआईए के पूर्व प्रमुख जान ब्रेनन से मुलाक़ात की और इस मुलक़ात से पहले बिन सलमान को इस बारे में सूचना नहीं दी।
वाशिंग्टन से सऊदी अरब वापस आते ही शाही फ़रमान जारी करके सअद अलजबरी को पद से हटा दिया गया और जब बिन नाएफ़ को क्राउन प्रिंस के पद से हटाया गया तो सअद अलजबरी सऊदी अरब से फ़रार हो गए।
वह अमरीका गए लेकिन वहां उन्हें ट्रम्प प्रशासन की ओर से ख़तरा महसूस हुआ कि कहीं उन्हें सऊदी सरकार के हवाले न कर दिया जाए इसलिए वह 2017 में अमरीका से कैनेडा चले गए।
कुछ टीकाकार कहते हैं कि अगस्त 2018 में सऊदी अरब और कैनेडा के बीच गंभीर कूटनैतिक संकट पैद हो जाने के पीछे भी यही मामला था।
सअद अलजबरी के बेटे ख़ालिद अलजाबेरी का कहना है कि बिन सलमान की पूरी कोशिश है कि अलजबरी को सऊदी अरब वापस आने पर मजबूर कर दें क्योंकि इतनी अधिक संवेदनशील जानकारियां रखने वाले सअद अलजबरी का बिन सलमान के नियंत्रण से बाहर रहना ख़तरनाक है।